Wednesday, June 21, 2017

कुछ नहीं बस ,सब क़सूर हे इस दिल अनजाने का ,
कैसे, इश्क़ करके जो सोच लिया तुमसे दूर जाने का !!!

तोल ले आज तू अपने इस इश्क के तराजू में ,
कल याद रख, तुझे अपने इश्क की ओकात बताउगा !!

काश बड़ी -२ ख्वाहिशो में जीकर होती इस बात की ,
कुछ नहीं ,जिंदगी सब मजदूरी ही तुम्हारी दिन-रात की !!


P@W@n

Thursday, June 15, 2017

मोहब्बत यु भी होगी नहीं हमे अब ,
यकीन मानो दोस्ती तुम हमसे रख नहीं पाओगे !!


मोहब्बत यु भी होगी नहीं हमे अब ,
यकीन मानो दोस्ती तुम हमसे रख नहीं पाओगे !!
~~admin

Saturday, May 20, 2017

तेरी बेवफाई

तेरी बेवफाई तेरे इस इश्क के दरमियान जिंदा रहू मैं ,
तु ही बता, हे क्या ऐसा भी तुझमे , यु फ़िदा रहू मैं ,

Wednesday, May 10, 2017

यू बातो की बात मत करो ,जरा सुनो

एक कोशीश ...

यू बातो की बात मत करो ,जरा सुनो ,
चिल्ला-२ कर कुछ कहते खून के निशान मेंरे ,

सियासत से कुछ उठो थोड़ा खुदगर्जों ,
देखो सुनो ,समझो, हे यहा खानदान मेरे

तुम जिंदा होकर नही सुनते हो ,
मरने के बाद भी चीख सुनते कान मेरे,

आज शहादत ,कल हुए कुछ शदीद साथी जवान मेरे
क्यु हे आ ज भी देश में सुनंने में आसान मेंरे

आज मै सब कुछ कह ही देता हु ,
कब तलक दबाउ होठो में जुबान मेरे

p@W@n

बात यहा ,इश्क की जाबाजी में हे !!!

बात यहा ,इश्क की जाबाजी में हे ,
फिर मेंरी जो मुस्कुराहट तेरी खुशमिजाजी में हे

मुझे जीतने की यहा कोई चाह नही,
मेंरी यु ही जीत तुझसे हारी हर बाजी में हे

आज तो इश्क होना लाजमी हे यहा ,
आज बात तुम से आप ,हा से हा जी में हे

तुम्हे फुरसत से देखने की चाह में बेठे ,
पर माँमला अटका तेरी अदाओ की चालबाजी में हे

खवाब हे शायर के ये अब भी के कैसे ,
मामला उल्झा अभी भी ना ओर कभी राजी में हे

Tuesday, April 11, 2017

Jissne ji nai Kabhi Yaha zindgi

Jissne ji nai Kabhi Yaha zindgi,.
Vo Yaha khud ko hosiyaar khata hai

Jise maloom nai ane wale pal ki ahat,
Vo bhi khud ko bada gyaani khbardaar khata hai,

Jo rishte hai keval jarurato  se bandhe,
Yaha har shakhs unhe Jine adhaar khata hai

Jiss-ne Yaha chaha Na rakhi Sach janane ki,
Vo  sab Sach maan leta Jo har roz akhbaar khata hai

Asaan nai hai yu bhi Yaha khudari se zindgi jeena,
Dekh har roz umid se bhara khula bazaar  khata hai

P@w@n

Tuesday, April 4, 2017

बडा ही सरल हे ये सफर भी तेरे दरमियान !

हूनर तेरा हे जिकर तेरा हे ,
बात तेरी हे असर तेरा हे ,
शायरी मे रवानियत तो होगी,
ये इकरार तेरा हे आज इतजार तेरा हे !!!
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मूशिक्ल,मजबूरी चाहत खवाब की ये ज़िदगी,
हा मान ले जीने मे कम अभी ईतजाम तेरा हे

खुद को क्यू यहा हरदम कम समझा तूँने,
जायज ही मानूगा ये खुद पर जो इल्ज़ाम तेरा हे ,

बडा ही सरल हे ये सफर भी तेरे दरमियान,
मोहब्बत नाम , अगर सफर मे सिर्फ़ यही अजाम तेरा हे

खुब हे मजा ज़िदगी के दरमियाँ खवाहिशे जीने मे,
निकल चल यहा रुक मत ये मान आखरी जाम तेरा हे
पवन